झूलते तारों से मिलेगी राहत, श्रीनगर में भूमिगत होंगी बिजली लाइनें

श्रीनगर : शहर में शीघ्र ही सभी विद्युत लाइनों को भूमिगत (अंडरग्राउंड) किया जाएगा। इसके लिए ऊर्जा विभाग के अधिकारियों को विस्तृत प्रस्ताव तैयार कर शासन को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही श्रीनगर को सोलर सिटी के रूप में विकसित करने की दिशा में भी तेजी से कार्य किया जाएगा। इसके अतिरिक्त श्रीनगर विधानसभा क्षेत्र के उफरैंखाल में विद्युत सब स्टेशन स्थापित किया जाएगा, जिससे क्षेत्र के बड़े हिस्से को निर्बाध एवं गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित हो सकेगी।
 
यह निर्देश कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने श्रीनगर विधानसभा क्षेत्र में विद्युत व्यवस्थाओं एवं समस्याओं की समीक्षा के लिए आयोजित ऊर्जा विभाग की बैठक में दिए। उन्होंने अधिकारियों को श्रीनगर शहर की सभी विद्युत लाइनों को चरणबद्ध तरीके से भूमिगत करने की कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए।
 
कैबिनेट मंत्री ने कहा कि विद्युत लाइनों के भूमिगत होने से शहर की सुंदरता में वृद्धि होगी तथा लोगों को बिजली के खंभों पर झूलते तारों से होने वाली परेशानियों और संभावित दुर्घटनाओं से राहत मिलेगी। उन्होंने कहा कि यह कदम श्रीनगर को आधुनिक और सुव्यवस्थित शहर के रूप में विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा।
 
बैठक में श्रीनगर को सोलर सिटी के रूप में विकसित करने की प्रगति की भी समीक्षा की गई। मंत्री ने निर्देश दिए कि प्रथम चरण में सभी सरकारी भवनों, विद्यालयों एवं अस्पतालों की छतों पर सोलर पैनल स्थापित किए जाएं। इससे ऊर्जा संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा, बिजली की खपत कम होगी तथा कार्बन उत्सर्जन में भी कमी आएगी।
 
डॉ. रावत ने बताया कि उफरैंखाल में प्रस्तावित विद्युत सब स्टेशन के निर्माण से क्षेत्र के दूरस्थ गांवों तक बेहतर एवं निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जा सकेगी। इससे बार-बार आने वाली विद्युत बाधाओं से भी राहत मिलेगी।
 
उन्होंने अधिकारियों को विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न गांवों में जर्जर एवं क्षतिग्रस्त विद्युत पोलों को बदलने, आवश्यकता अनुसार पोलों की शिफ्टिंग करने, पुराने एवं अनुपयोगी ट्रांसफार्मरों के स्थान पर नए ट्रांसफार्मर स्थापित करने तथा विद्युत आपूर्ति व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ एवं सुचारू बनाने के निर्देश दिए।
 
कैबिनेट मंत्री ने उपभोक्ताओं को समयबद्ध तरीके से प्रत्येक दो माह में बिजली बिल उपलब्ध कराने तथा विद्युत दरों एवं योजनाओं की जानकारी आमजन तक पहुंचाने के लिए व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने के निर्देश भी दिए।
 
उन्होंने प्रदेश के सभी राजकीय विद्यालयों का शत-प्रतिशत विद्युतीकरण सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि कई विद्यालयों में अभी भी विद्युत कनेक्शन नहीं होने के कारण छात्र-छात्राओं को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है, जिसे प्राथमिकता के आधार पर दूर किया जाना चाहिए।
 
बैठक में अपर सचिव ऊर्जा एवं प्रबंध निदेशक पिटकुल मेहरबान सिंह बिष्ट, निदेशक परिचालन यूपीसीएल एम.आर. आर्या, मुख्य अभियंता गढ़वाल एन.एस. बिष्ट, अधीक्षण अभियंता श्रीनगर मयूर देव सिंह, उपखंड अधिकारी प्रवेश कुमार सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे। 

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